इंपा की भव्य वापसी: कान फिल्म फेस्टिवल 2025 में भारतीय सिनेमा को मिलेगी नई ऊंचाई

मुंबई। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा) ने कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में शानदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, 2025 में और भी बड़े स्तर पर वापसी की घोषणा कर दी है। इंपा के अध्यक्ष अभय सिन्हा के अनुसार, पिछले वर्ष की सफलता को देखते हुए इस बार भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए और भी व्यापक स्तर पर मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच को और अधिक मजबूती मिलेगी।

2024 की सफलता ने बढ़ाया हौसला

2024 में 77वें कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान इंपा ने 55 प्रतिनिधियों, 12 फिल्मों के प्रदर्शन और 3 फिल्मों की बिक्री के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। इंपा द्वारा स्थापित स्टॉल के माध्यम से भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और वितरकों के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे भारतीय फिल्म निर्माताओं को एक नई पहचान मिली। इस सफलता ने भारतीय सिनेमा के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के द्वार खोल दिए और इसी को देखते हुए इंपा ने 2025 में और भी भव्य वापसी की योजना बनाई है।

2025 में इंपा का कान में विस्तृत कार्यक्रम

78वें कान फिल्म फेस्टिवल (13-24 मई, 2025) के दौरान इंपा एक विशेष स्टॉल स्थापित करेगा, जहां भारतीय फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह पहल उन छोटे और मध्यम बजट के फिल्म निर्माताओं के लिए फायदेमंद होगी, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी फिल्मों का प्रचार करना चाहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से स्टॉल स्थापित करने का खर्च वहन नहीं कर सकते।

इस पहल के तहत:

* इंपा के सदस्यों को किफायती दरों पर अपनी फिल्मों का प्रचार करने का अवसर मिलेगा।

* मार्केट प्रीमियर, विशेष फिल्म लॉन्च, प्रतिनिधि पंजीकरण और नेटवर्किंग इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा।

* इंपा अपने सदस्यों को कान फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी सभी औपचारिकताओं में सहायता करेगा, जिससे उनका अनुभव सुगम और प्रभावी हो सके।

* अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, वितरकों और फिल्म बाजार के बड़े खिलाड़ियों तक भारतीय फिल्मों की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है कान फिल्म फेस्टिवल?

कान फिल्म फेस्टिवल न केवल एक प्रतिष्ठित मंच है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म बाजार भी है। 2024 में इसमें 56 देशों की 237 फिल्मों को प्रदर्शित किया गया और इसमें 160 देशों के करीब 39,000 उद्योग प्रतिनिधि, खरीदार, वितरक और मीडिया कर्मी शामिल हुए।

कान में 300 से अधिक स्टॉल स्थापित किए जाते हैं, जहां दुनिया भर के वितरक और फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को प्रस्तुत करते हैं। भारतीय फिल्म उद्योग के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वह इस वैश्विक मंच का पूरा लाभ उठाए और अपनी फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए।

भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा अवसर

इंपा की यह पहल भारतीय सिनेमा के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। खासकर उन नए और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फिल्मों को प्रदर्शित करने का सपना देखते हैं।

इस बारे में इंपा अध्यक्ष अभय सिन्हा ने कहा,

“कान फिल्म फेस्टिवल सिनेमा के लिए एक वैश्विक केंद्र है, जो बेजोड़ प्रदर्शन और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करता है। इंपा का उद्देश्य भारतीय फिल्म निर्माताओं को इस प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचाना है, ताकि उनकी प्रतिभा को वैश्विक पहचान मिल सके।”

निष्कर्ष

इंपा की यह पहल न केवल भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि नए अवसरों के द्वार भी खोलेगी। कान फिल्म फेस्टिवल 2025 में इंपा की भव्य उपस्थिति यह साबित करेगी कि भारतीय सिनेमा अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

क्या आपको लगता है कि भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए यह कदम एक गेम-चेंजर साबित होगा?

 

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